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दर्द की ऐसी दास्तान की जिसने भी पढ़ा रूह कांप उठी उसकी जानिए क्या है पूरी कहानी-

Sandy

त्रिपुरा – दुनिया में दर्द और तकलीफ कि हर किसी की अपनी अपनी कहानी है पर आज हम जिस कहानी की बात करने जा रहे हैं इसके बारे में जिसने भी सुना या पढ़ा है उसकी रूह कांप उठी है कहानी गरीब परिवार में जन्मी एक 6 साल की लड़की की है जो लिंफोसाइटिक ल्यूकेमिया से पीड़ित है और उसकी हंसती-खेलती ज़िंदगी सिर्फ 6 हफ्तों में ही बर्बाद हो गई.

एक 6 साल की  हिंदुस्तानी लड़की कैंसर से पीड़ित हैं उसको दिखाई देना पूरी तरह से बंद हो चुका है और उसकी व्यथा यहीं खत्म नहीं होती उसकी दोनों आंखों से लगातार रक्त स्राव होता रहता है.

Credit Milaap

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इस मासूम बच्ची की तस्वीरें हृदय विदारक हैं जिन्हें देख पाना बहुत तकलीफ देह होता है और उसकी हालत आप जो देख रहे हैं  वह सिर्फ 6 हफ्तों में ही हुई है नवंबर 2017 में अचानक ही बच्चे की आंखों में जलन होने की शिकायत सामने आई तो माता पिता उसको लेकर गांव के लोकल डॉक्टर के पास गए जहां पर कुछ ही सुविधाएं उपलब्ध थी और डॉक्टर ने उसे पेनकिलर पेरासिटामोल और एंटीएलर्जी टेबलेट्स देकर घर विदा कर दिया.

She is Dhanika Tripura, 6 yrs old underprivileged girl. Daughter of Dharmakumar Tripura and Sashibala Tripura from Nalin Para, Battali, Manu, Dhalai, Tripura, India. Suffering by ACUTE LYMPHOCYTIC LEUKEMIA, and right now she is admitted at Dr. B. Borooah Cancer Institute, Guwahati.(Chemotherapy Ward, Bed No 135) Kindly help to Dhanika to fight back and make your small donation to her. Your small donation can make a BIG DIFFERENCE to her. Thank you all that you take yours precious time to read our message. You can also do a bank transfer to the below mentioned account setup for this fundraising campaign: Account number: 80808080101026419 Account name: Sajal IFSC code: YESB0CMSNOC
Image credit Dailymail

परिवार बहुत ही छोटे से गांव जो कि त्रिपुरा नॉर्थ ईस्ट इंडिया में है वहां पर कोई भी इस रोग के विशेषज्ञ को दिखाने में असमर्थ थे क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खस्ताहाल है पर अभी एक चैरिटी परिवार की सहायता के लिए आगे आई लेकिन अब उस बच्ची के ठीक होने के चांस 10% ही है इस परिवार को अभी भी काफी फंड की जरूरत है.पिता  दैनिक  मजदूरी का काम करते हैं और उसकी मासिक आय सिर्फ 1000 महीने हैं. एवं धानीका की मां शशिबाला एक ग्रहणी है जो घर पर रहकर चार बच्चों को संभालती हैं. धानीका के पिता धनिया कहते है कि बिटिया की हालत देखकर आंखों में आंसू आ जाते हैं  यहां तक कि मैं उसकी आंखों की तरफ देख कर उससे बात भी नहीं कर पाता उसकी आंखें डरावनी हो गई है. उसका दर्द और उसकी हालत मेरा दिल तोड़ देती है और एक पिता होने के नाते मैं चाहता हूं कि ऐसा दर्द किसी बच्चे को ना हो.

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हम उसकी जिंदगी के लिए चिंतित हैं कि शुरुआत में धानीका कि आंखों में मामूली खुजली और थोड़ा बहुत बुखार आया था. जब उसकी आंखों में खुजली हुई तब  वह आंखे मलती रहती थी बाद में हल्की हल्की सूजन आना शुरू हुई जो एक दम से बढ़ गई हमने उसे बहुत सारे डॉक्टरों को दिखाया पर कोई लाभ न मिला परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण धानीका कभी स्कूल भी नहीं गई थी, और अब उसे अगरतला गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और गोविंद बल्लभ पंत हॉस्पिटल न्यू दिल्ली ले जाया गया जहां डॉक्टर ने उसकी आंखों का परीक्षण किया था और बताया कि धानीका लिंफोसाइटिक ल्यूकेमिया से पीड़ित है जिस का एकमात्र इलाज कीमोथैरेपी है जो कि ब्लड कैंसर में भी कारगर होती है. 45 दिनों में धानीका ने अपना 10 किलो वजन खोया है. धानीका के पिता ने मदद के लिए गुहार लगाई अगर आप भी धानीका की मदद करना चाहते है तो  यहां क्लिक करके  इच्छा अनुसार राशि डोनेट करें.

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BY- Archna

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