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Indira Gandhi इंदिरा गांधी को मारी गई थी 30 गोलियां, चढाया गया 88 बोतल खून लेकिन…

Sandy

नई दिल्ली। 31 अक्टूबर का दिन भारत के इतिहास में सबसे बुरा दिन था। इस दिन पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की उनकी सुरक्षा में तैनात गार्ड ने ही हत्या कर दी थी। इंदिरा गांधी को तीस गोलियां मारी गई थी। सुरक्षा गार्ड ने पूरी मैग्जीन इंदिरा गांधी पर खाली कर दी थी। गोलियां लगने से इंदिरा गांधी का लिवर और फेफडे बुरी तरह से छलनी हो गए थे। उन्हें बचाने की काफी कोश्शि की गई लेकिन बचा नहीं पाए।

 On 31 October 1984, two of Gandhi's bodyguards, Satwant Singh and Beant Singh, shot her with their service weapons in the garden of the Prime Minister's residence at 1 Safdarjung Road, New Delhi. The shooting occurred as she was walking past a wicket gate guarded by Satwant and Beant.

सुरक्षा गार्ड बेअंत सिंह और जसवंत सिंह ने मारी 30 गोलियां:
31 अक्टूबर को इंदिरा गांधी का आइरिस डायरेक्टर पीटर के उस्तीनोव के साथ था इंटरव्यू था। इंदिरा गांधी पर डॉक्युमेंट्री बना रहे पीटर उस्तीनोव वहां पहुंच चुके थे। सुबह करीब 9 बजे इंदिरा गांधी एक अकबर रोड की तरफ चल पडीं। जब इंदिरा गांधी उस गेट से करीब 11 फुट दूर पहुंच गई थीं, जो एक सफदरगंज रोड को एक अकबर रोड से जोडता है। उस गेट पर सब इंस्पेक्टर बेअंत सिंह तैनात था। वहीं पास में संतरी बूथ में कॉन्स्टेबल सतवंत सिंह स्टेनगन लिए खडा था। जैसे ही इंदिरा गांधी वहां पहुंची तो अचानक बेअंत सिंह ने अपनी 0.38 बोर की सरकारी रिवॉल्वर निकालकर इंदिरा गांधी पर एक के बाद एक तीन गोलियां दाग दीं।

तीन गोलियां लगने के Indira Gandhi जमीन पर गिर गई। इसके बाद पास खडे सतवंत सिंह ने अपनी स्टेनगन निकाली और एक के बाद एक उन पर गोलियों की बौछार कर दी। सतवंत सिंह तब तक गोलियां चलाता रहा, जब तक कि पूरी मैगजीन खाली नहीं हुईं। तीस गोलियों से इंदिरा गांधी का शरीर छलनी हो चुका था, जिसके बाद एम्स अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

चढाया गया 88 बोतल खून:

30 गोलियां लगने से इंदिरा गांधी का शरीर पूरी तरह से छलनी हो गया था। उनका लिवर और फेफडे बुरी तरह से छलनी हो गए थे। रीढ की हड्डी में भी कई गोलियां धंसी थी। सिर्फ इंदिरा गांधी का दिल सही सलामत था। 12 डॉक्टरों की टीम ने इंदिरा गांधी को बचाने की काफी कोशिश की। उन्हें 88 बोतल खून चढाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

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