Press "Enter" to skip to content

महाशिवरात्रि पूजा में इन 5 चीजों का उपयोग कतई न करें, और बचें महादेव के कोप से

Sandy

शास्त्रानुसार भगवान शिव को त्रिदेव कहा गया है. शिवजी की कल्पना एक ऐसे देव के रूप में की जाती है जो कभी संहारक तो कभी पालक होते हैं. भस्म, नाग, मृग चर्म, रुद्राक्ष आदि भगवान शिव की वेष-भूषा व आभूषण हैं. इन्हें संहार का देव भी माना गया है. इसी तरीके से भगवान शिव के कुल 12 नाम प्रख्यात हैं. पूरे भारत में शिव भगवान के भक्तों की संख्या सर्वाधिक है. भोलेनाथ अपने अनोखे रूप की वजह से सबसे अलग भी दिखते हैं. महिला से लेकर पुरुष सभी उनकी भक्ति में लीन रहते हैं.

यह भी पढ़ें- इस लड़की की अदाओं पर फिदा हुए लाखों युवक, 24 घंटे में हो गए 6 लाख फॉलोवर, वीडियो वायरल-

भारत में कल और आज Mahashivrarti का त्योहार मनाया जा रहा है 13 और 14 फरवरी को पूरे भारतवर्ष में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है। कहा जाता है कि भगवान भोलेनाथ जितनी जल्दी प्रसन्न होते हैं उससे भी जल्दी उनको गुस्सा भी आ जाता है. भगवान शिव के प्रकोप से सभी परिचित हैं। उनकी पूजा में अर्पित की जाने वाली सामग्री किसी दूसरे देवता को अर्पित नहीं की जाती. भगवान शिव को भांग, बेलपत्र, धतूरा बेहद प्रिय है. उनकी पूजा के दौरान इन सब चीजों को अर्पित करना आवश्यक है. लेकिन कई बार लोग अनजाने में छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं. कुछ चीजें ऐसी भी हैं जो भगवान शिव को नहीं चढ़ाई जातीं. लेकिन जानकारी के आभाव में लोग इन्हें भगवान शिव को चढ़ा देते हैं. इसलिए आज हम आपको उन सभी चीजों के बारे में बताएंगे जिनका उपयोग शिव की पूजा में कतई नहीं करना चाहिए.

ketaki flower dont use in shiv pooja
Third party image

भगवान शिव की पूजा में कभी भी केतकी के फूल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. पूजा में केवल कमल और कनेर के फूल का इस्तेमाल करें. भगवान शिव को लाल रंग के फूल भी पसंद नहीं हैं. इसलिए हो सके तो कमल और कनेर के फूल से ही पूजा करें.

turmeric ya haldi ka upyog in shiv pooja
Third party image

महादेव की पूजा में हल्दी का इस्तेमाल करना वर्जित है. हल्दी को शिव का रूप माने जाने के कारण इसका प्रयोग पूजा में नहीं होता. इसलिए कभी भी भगवान शिव की पूजा में हल्दी का प्रयोग न करें.

tulsi ka upyog shiv pooja me naa kare
Third party image

कथा अनुसार, भगवान शिव ने असुर जलंधर का वध कर दिया था. पति के वध के बाद पत्नी वृंदा निराश होकर तुलसी में परिवर्तित हो गई. वृंदा ने भगवान शिव को अपने दैवीय तत्वों वाले पत्त्तों से वंचित कर दिया. इस वजह से भगवान शिव की पूजा में तुलसी चढ़ाना भी वर्जित है.

KAMAKHYA-SINDHUR
Third party image

सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. अपने सौभाग्य में वृद्धि के लिए महिलाएं कुमकुम का इस्तेमाल करती हैं. इसके विपरीत भगवान शिव को विध्वसक और विनाशकर्ता कहा जाता है. इसलिए शिव की पूजा में सिंदूर का उपयोग नहीं किया जाता.

coconut ya nariyal ka upyog shiv puja me na kare
Third party image

शिव को नारियल का पानी चढ़ाना भी वर्जित है. क्योंकि अन्य देवी-देवताओं की पूजा में जो सामग्री हम उन्हें अर्पित करते हैं उसका प्रसाद ग्रहण करते हैं. परंतु शिव की पूजा में ऐसा नहीं होता. इसलिए शिव को नारियल का पानी नहीं चढ़ाना चाहिए.

shell संख ka upyog
Third party image

शंख का भी प्रयोग भगवान शिव की पूजा में वर्जित है. एक कथा अनुसार, भगवान शिव के हाथों शंखचूर नामक एक राक्षस का वध हुआ था. इसलिए उनकी पूजा में शंख का उपयोग नहीं किया जाता.

अगर आपको हमारा आर्टिकल पसन्द आया तो हमें कमेन्ट करके बताएं और अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें।
Leave Your Comment Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *