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राजे सरकार के तुगलकी फरमान से छात्र परेशान-

Sandy

जैसा कि हम सब जानते हैं जिन स्टूडेंट्स को मेडिकल और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना होता है वो तैयारी के लिए सबसे पहले कोटा (राजस्थान) जाते हैं। क्योंकि कोचिंग के लिए ये शहर बेहतर माना जाता है। वहीं अब कोटा आने वाले छात्रों से साफ-सफाई के नाम पर टैक्स वसूला जाने का मन बनाया जा रहा है.

(Raje govt) आपको बता दें, नगर निगम ने यह फैसला लिया है कि कोचिंग संस्थानों में अब हर स्टूडेंट से 1000 रुपए टैक्स वसूला जायेगा। दरअसल, यहां हर साल लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स कोचिंग के लिए आते हैं। इनमें से 80 हजार लगभग बिहार से होते हैं। ऐसे में समिति ने बैठक में फैसला लिया है कि शहर में सफाई के लिए पैसा जुटाने के लिए कोचिंग संस्थानों, प्राइवेट कॉलेज और स्कूलों से टैक्स लिया जाएगा।

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जिसका सीधा प्रभाव छात्र की जेब पर पड़ने वाला है,
इसके अलावा बैठक में यह भी कहा गया कि शरह के अंदर ऐसे कई बड़े कोचिंग संस्थान हैं जहां करीब 250 से अधिक स्टूडेंट्स मौजूद हैं। उनका रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है। वहीँ, हर स्टूडेंट से सरकार हर साल 1000 रुपये टैक्स के रूप में वसूलेगी।

वहीँ, नगर निगम के इस फैसले से नाखुश छात्र जमकर विरोध प्रदर्शन पर उतर आए हैं। सभी ने हाथों में तख्तियां ले रखी हैं और उनमें लिख रखा है ‘अंकल हम पढ़ने आए हैं प्लीज हमसे टैक्स नहीं लो’। यहां तक कि उन्होंने दुकानों पर घूम-घूमकर भिक्षाटन भी किया।
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आपको बता दें, कि जब से देश में जीएसटी लागू हुआ है तब से सभी कोचिंग संस्थानों की फीस में वैसे ही काफी बढ़ोत्तरी हो गई है। ऐसे में नगर निगम का यह फैसला स्टूडेंट्स पर एक और बड़ी मुसीबत बन रहा है। हालांकि कांग्रेस ने कोटा नगर निगम के इस फैसले का काफी विरोध किया है।
क्या सरकार का यह फैसला सही है ? कमेंट करके जरूर बताएं।

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