सादगी की मिसाल बने गाँधीवादी एवं गीता
वर्धा (महाराष्ट्र):एक ऐतिहासिक और विचारोत्तेजक विवाह का साक्षी बनने का अवसर मिला, जिसे नवोदय से सर्वोदय की संज्ञा दी जा सकती है। एक नवोदयन होने के नाते नवोदय एलुमनाई मोहन दीक्षित (विदिशा) की इस अनुकरणीय पहल का साक्षी बनना अपने आप में गौरव का विषय रहा।
बिना दिखावे की नई विवाह परंपरा
यह विवाह कई अर्थों में ऐतिहासिक है। इसने विवाह परंपराओं में नई शुरुआत की—बिना किसी दिखावे, पूरी सादगी और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ। पब्लिसिटी और भौतिकता के इस दौर में ऐसा दृश्य विरल है। यह विवाह बापू कुटी, सेवाग्राम (गाँधी आश्रम), वर्धा में गाँधी परंपरा के अनुरूप संपन्न हुआ।
Gandhi,श्रमदान, प्रार्थना और संविधान बना साक्षी
दो दिवसीय कार्यक्रम में वर-वधु की दिनचर्या नवोदय के अनुशासन और मूल्यों की याद दिलाती रही। जहाँ नवोदय में सुबह व्यायाम होता था, वहीं यहाँ श्रमदान ने उसका स्थान लिया। दोनों ने गौशाला में श्रमदान किया।

“धर्म, जाति, पद, भेद रहित हम” की भावना को गाँधी जी की सर्वधर्म प्रार्थना ने जीवंत किया। प्रार्थना उपरांत, वर-वधु ने स्वयं रचित वचनों को सभी अतिथियों के समक्ष स्वीकार किया और संविधान को साक्षी मानते हुए सूत की माला पहनाकर नए जीवन की शुरुआत की।
Gandhi की प्रेरणा बनी वैचारिक जीवन की साझेदारी का संकल्प
आज के दिखावे और भौतिकता के दौर में, किसी luxury या लालच से परे, परस्पर सम्मान, सामंजस्य और सैद्धांतिक जीवन के लिए जीवनसाथी बनना निश्चय ही अनुकरणीय है। दोनों नवविवाहित देश सेवा में संलग्न हैं—एक वकालत के माध्यम से बेसहारा आवाज़ों को बल देता है, तो दूसरा राजनीति में नवाचार के लिए कृतसंकल्पित है।
नवोदय में Gandhi की परिकल्पना होती दिखी साकार
इस अवसर पर राजीव गाँधी का वह प्रसंग भी स्मरणीय रहा, जब दून स्कूल को देखकर उन्होंने नवोदय विद्यालय की परिकल्पना की थी। आज यह विवाह उसी सोच का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
देश के प्रतिष्ठित सामाजिक चिंतक, Gandhi विचारक रहे उपस्थित

विवाह समारोह में देश के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता एवं सार्वजनिक जीवन की प्रतिष्ठित हस्तियाँ उपस्थित रहीं, जिनमें सुश्री मीनाक्षी नटराजन (पूर्व सांसद, तेलंगाना कांग्रेस प्रभारी), श्री सचिन राव (राष्ट्रीय सचिव, कांग्रेस), श्री भँवर मेघवंशी (लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता), श्री वीरेन भूटा (संस्थापक, Dissom) सहित अनेक गाँधीवादी चिंतक एवं लेखक शामिल हुए।